आपका नाम अक्षर-दर-अक्षर गिना जाता है और आपके जन्म के अंकों के सामने रखा जाता है। कभी दोनों मिलते हैं। कभी एक ही अक्षर बाक़ी सबको खींच रहा होता है।
मैं आपको ईमानदारी से बताऊँगा कि सुधार करने लायक़ है या नहीं। अकसर नहीं होता, नाम पहले से ठीक बैठा होता है, और बदलना बेकार की मेहनत होगी। जब सुधार सच में काम का होता है, तब भी वो छोटा होता है: एक अक्षर जोड़ना या हटाना, नया नाम नहीं। असली बात ये है कि आपका अंदाज़ा लगाना बंद हो जाए।
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बुक कीजिएतभी जब सच में फ़ायदा हो। अच्छे-ख़ासे लोगों को यही बताया जाता है कि उनका नाम ठीक है और चिंता छोड़ दें, वो जवाब भी उतना ही क़ीमती है।
नहीं। ज़्यादातर लोगों के लिए वही मायने रखता है जिस नाम से उन्हें बुलाया जाता है और जिससे वो हस्ताक्षर करते हैं। क़ानूनी बदलाव निजी फ़ैसला है और कम ही ज़रूरी होता है।
हाँ। जन्म की तारीख़ और जगह भेजिए, साथ में जो नाम आप सोच रहे हैं, मैं बता दूँगा कौन सा बच्चे के अंकों के साथ बैठता है।
वही तरीक़ा। जो नाम सोच रहे हैं वो भेजिए, बोर्ड छपवाने से पहले जँचवाना बाद में बदलने से कहीं सस्ता है।
आयुष सागर ने Electrical Engineering की, फिर MBA किया, और उसके बाद इस काम में आए। 2017 से अब तक 20,000 से ज़्यादा लोगों की कुंडली पढ़ी है और 500 से ज़्यादा छात्रों को पढ़ाया है, वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, टैरो और ऊर्जा उपचार में।
हर सेवा में तरीक़ा एक ही है: डर नहीं, दिशा। कुंडली प्रवृत्ति और समय दिखाती है, और ये कि कहाँ सजग रहना है। वो तय भविष्य नहीं दिखाती, और कोई ईमानदार आदमी आपसे ये नहीं कहेगा कि दिखाती है।